Tools & Techniques of Network Forensic in Hindi

स्वागत आप सभी का, दोस्तों आज की इस ब्लॉग पोस्ट की सहायता से हम जानेंगे network forensics के कई अलग-अलग tools और techniques जैसे Wireshark, TCP Dump, Syslog, NMS, Promiscuous Mode, Port Mirroring, Snooping और Scanning tools आदि के बारे में वो भी अपनी आसान भाषा में, ताकि हमें network forensic की basic knowledge अच्छे से मिल सके।

जैसा की हम सब को पता है कि आज के समय में इंटरनेट और networks हर जगह मौजूद हैं, तो इनपे मौजूद डाटा और इनफार्मेशन की security का ध्यान रखना भी बहुत ज्यादा जरूरी हो गया है। 

इसलिए इसको सुरक्षित बनाने के लिए network forensics का इस्तेमाल किया जाता है। नेटवर्क फोरेंसिक में हम कई अलग-अलग तरह के tools और techniques की सहायता से यह पता लगाते हैं कि हमारे network में क्या गलत हुआ था।

नेटवर्क फॉरेंसिक उपकरण और तकनीकें – (Network Forensic Tools & Techniques in Hindi)

नेटवर्क फॉरेंसिक का मतलब होता है कि नेटवर्क में जो भी activities हो रही हैं, उन्हें सबसे पहले तो ध्यान से रिकॉर्ड करना और फिर बाद में उनका विश्लेषण (analysis) करना। 

जब भी कभी हमारे नेटवर्क या डाटा पर किसी तरह की hacking, data चोरी या cyber-attack होता है, तो उस समय इन्हीं network forensic tools और techniques की सहायता से ही पता लगाया जाता है कि ये जो अटैक या फिर हैकिंग की गई है वह कैसे और कब हुई।

तो चलिए अब, हम एक-एक करके इन tools और techniques को अपनी आसान भाषा में समझने की कोशिश करते हैं:

Wireshark

नेटवर्क फॉरेंसिक में यह Wireshark टूल एक बहुत ही ज्यादा पॉपुलर और पूरी तरह से फ्री टूल है जिसका काम नेटवर्क के अंदर जितने भी आने-जाने वाले data packets होते है उनको capture करना होता है। 

वैसे चाहे तो हम इसकी तुलना कुछ इस तरह कर सकते है जैसे यह कोई CCTV कैमरा होता है जो हर चीज को रिकॉर्ड करता है। यह forensic में इसलिए काम आता है क्योंकि इससे network में हुई suspicious activity को पकड़ना आसान हो जाता है।

TCP Dump

TCP Dump भी एक Wireshark की तरह ही एक पैकेट कैप्चरिंग टूल है, लेकिन यह उससे थोड़ा सा अलग है क्योंकि ये command line पर चलता है। 

यानी इसको चलाने के लिए आपको इसमें टाइप करके commands देनी होती हैं। यह काफी ज्यादा फास्ट और lightweight है, इसलिए बड़े से बड़े networks में भी ये अच्छे से काम करने की क्षमता रखता है।

Syslog

Syslog एक प्रकार का logging सिस्टम होता है जिसका काम सिर्फ यह होता है कि नेटवर्क में जितनी भी डिवाइस से मैसेज आता है उसको पहले इकट्ठा करना और फिर उन्हें एक जगह store करना होता है। 

बाद में forensic investigation में ये logs बहुत काम आते हैं क्योंकि इनमें हर रिक्वेस्ट और एक्टिविटी का समय के साथ रिकॉर्ड होता है।

NMS (Network Management System)

NMS का पूरा नाम Network Management System है। यह वो टूल होता है जो हमारे पूरे नेटवर्क को मैनेज और मॉनिटर करने का काम करता है। 

नेटवर्क में NMS के जरिये पता चलता है कि कौन सा device online है, नेटवर्क में कहां problem आ रही है, और साथ ही इसके जरिए नेटवर्क की performance कैसी चल रही है इसका भी पता लगाया जाता है।

Promiscuous Mode

यह network card का एक खास फीचर है। Normally network card सिर्फ उसी डाटा को देख सकते है जिसे उस कार्ड के लिए भेजा जाता है। 

लेकिन जब इसे promiscuous mode में डाला जाता है, तब ये पूरे network का traffic देखने के काबिल हो जाता है। यानी यह किसी भी packet को कैप्चर कर सकता है, चाहे वह किसी और के लिए ही क्यों न भेजा गया हो।

Network Port Mirroring

Network Port Mirroring एक तकनीक है जिसमें switch या फिर router एक पोर्ट के डाटा को कॉपी करके किसी दूसरे पोर्ट पर भेजता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी सहायता से live traffic को बिना network disturb किए ट्रैक और analyze किया जा सकता है।

Snooping

नेटवर्क में snooping का मतलब होता है unauthorized तरीके से किसी डाटा को पढ़ना या उसकी एक्टिविटी को ट्रैक करना। इसका उपयोग ज्यादातर हैकर्स जानकारी चुराने के लिए करते हैं, लेकिन forensic experts इसका इस्तेमाल अपराधी की पहचान करने के लिए भी करते हैं।

Scanning Tools

Scanning tools नेटवर्क को चेक करके यह पता लगाते हैं कि हमारे नेटवर्क में कहीं कोई security problem या कमजोरी (vulnerability) तो नहीं है। 

सबसे लोकप्रिय scanning tools में Nmap और Nessus जैसे टूल्स आते हैं, जो network devices को स्कैन करके रिस्क वाली चीजों की रिपोर्ट देते हैं।

Conclusion (निष्कर्ष)

इस तरह, network forensic tools network की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी हैं। ये हमें hacking और cyber-attacks को पहचानने और रोकने में मदद करते हैं। इनके बारे में सही knowledge होना आज के digital जमाने में हर student के लिए फायदेमंद है।

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